“राष्ट्रभर में मध्यस्थित न्यायनिर्णय और विवादों के सामंजस्य के लिए सर्वोच्च न्यायालय की पहल”
‘सहभागी न्याय’ तथा ‘न्याय की द्वार-प्रदाय व्यवस्था’की संकल्पना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा “राष्ट्रभर में मध्यस्थित न्यायनिर्णय और विवादों के सामंजस्य के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय की पहल”-समाधान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ दिनांक 21 अप्रैल, 2026 को हुआ है तथा इसका समापन दिनांक 21, 22 एवं 23 अगस्त, 2026 को आयोजित विशेष लोक अदालत के माध्यम से किया जाएगा।
इस विशेष लोक अदालत का उद्देश्य सहमति आधारित समाधान तंत्र के माध्यम से भारत के सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण निपटारा करना है।
सहभागिता के लिए निमंत्रण:
सभी अधिवक्ताओं, वादियों और हितधारकों से अनुरोध है कि वे इस पहल के तहत विवादों के प्रभावी समाधान में सक्रिय रूप से भाग लें और अपना योगदान दें। पक्षकार अपने विवादों के निपटारे के लिए भौतिक रूप से या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपस्थित हो सकते हैं।
सहायता के लिए संपर्क करें:
- भारत का उच्चतम न्यायालय :
समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) के प्रभारी, वन स्टॉप सेंटर (वॉर रूम)। संपर्क नंबर: 011-23112428, 011-23112528, वन स्टॉप सेंटर (कमरा संख्या 806 और 808, बी ब्लॉक, अतिरिक्त भवन परिसर, भारत का सर्वोच्च न्यायालय) लैंडलाइन नंबर: 011-23116464, 011-23116465
सी.आर.पी. के निदेशक का संपर्क नंबर: 011-23115652
- राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण :
011-23382778, 011-23382121, 011-23071450
टोल फ्री नंबर: 15100
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- छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण:
07752-220170, 9340062331
टोल फ्री नंबर: 15100
ई-मेल: cgslsa[at]gmail[dot]com, cgslsa[dot]cg[at]nic[dot]in
- उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, बिलासपुर:
07752-241023, 9425502358
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